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अब 2 लाख रुपए तक के गहने खरीदने पर नहीं देना होगा पैन कार्ड

23 अगस्त को कालेधन पर रोक लगाने और सोने की कालाबाजारी रोकने के लिए ज्वैलरी कारोबार को पीएमएलए के दायरे में लाया गया था।

PAN card not required for jewellery purchases above Rs 50000 Breaking News अन्य ख़बरें आज की रिपोर्ट ख़ास ख़बर देश समाचार 

23 अगस्त को कालेधन पर रोक लगाने और सोने की कालाबाजारी रोकने के लिए ज्वैलरी कारोबार को पीएमएलए के दायरे में लाया गया था।

केंद्र सरकार ने सर्राफा बाजार को दिवाली का एडवांस तोहफा दिया है।सरकार ने जेम्स एंड ज्वैलरी सेक्टर में 2 करोड़ रुपए सालाना टर्नओवर रखने वाले ज्वैलर्स को तुरंत प्रभाव से प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट यानी पीएमएलए के दायरे से बाहर कर दिया गया है।इस बदलाव के बाद अब 2 लाख रुपये तक की ज्वैलरी की खरीदारी पर पैन दिखाना जरूरी नहीं होगा। पहले 50 हजार रुपये से ज्यादा की खरीदारी पर PAN कार्ड देना अनिवार्य था।

सरकार के इस फैसले से सर्राफा कारोबारियों को काम करने में आसानी होगी।ज्वैलरी कारोबार के पीएमएलए के दायरे में शामिल होने से कारोबारियों को ग्राहकों से  50,000 रुपए से ज्यादा की खरीद पर केवाईसी के लिए जरुरी दस्तावेज मांगने पड़ते थे और इन दस्तावेजों को अपने पास रखना पड़ता था।सरकार जब चाहती सर्राफा कारोबारियों से ग्राहकों की जानकारी मांग सकती थी।सर्राफा कारोबारियों के मुताबिक खरीदार से जब केवाईसी के लिए जानकारी मांगी जाती है, वे आनाकानी करते हैं।कई खरीदार से यह कहकर वापस चले जाते हैं।कारोबारियों  का कहना था की ज्यादातर महिलाएं अपनी रोज़ाना की बचत से गहने खरीदती हैं ऐसे में 50 हजार से अधिक की खरीदारी पर केवाईसी के लिए जरुरी दस्तावेज अनिवार्य होने से ऐसी महिलाएं हतोत्साहित होंगी जिससे उनके कारोबार पर असर होता है।

गौरतलब है कि  23 अगस्त को कालेधन पर रोक लगाने और सोने की कालाबाजारी रोकने के लिए ज्वैलरी कारोबार को पीएमएलए के दायरे में लाया गया था।इसके तहत 50000 रुपए या इससे अधिक के हर लेनदेन की रिसीट का केवाईसी कम्प्लाइंस जरूरी है। इस वजह से ज्वैलर्स और खरीदारों में डर बैठ गया और आभूषण कारोबार में तेजी गिरावट दर्ज की गई। सरकार के इस फैसले का सराफा कारोबारियों और जौहरियों विरोध कर रहे थे।

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